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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 स्वतंत्र्योत्तर युग में भारत के लोकशासन में हुए सर्वोपरि लाभदायक व युगा्तरकारी प्रशासनिक सुधारों में से एक है |‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का परिपालन’ नाम से केन्द्रीय सूचना आयोग (2008) की राष्ट्रीय उपसमिति की रिपोर्ट की अनुशंसा है कि, “सभी राज्य सरकारें लोगों को अपने सूचना के अधिकार के प्रति शिक्षित करने हेतु सभी प्रकार के जनसाधनों के मध्यम से एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाएं | सहायक जन सूचना अधिकारीयों, जन सूचना अधिकारीयों और अपीलीय प्राधिकारी की एक निदेशिका भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जानी चाहिए” |
हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग का गठन राज्य सरकार द्वारा 4 फरवरी, 2006 को सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में गठित किया गया था। आयोग ने 1 मार्च से प्रभावी रूप से कार्य करना शुरू किया था, 2006 शिमला में मुख्यालय के साथ।

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आर.टी.आई. – स्वैच्छिक प्रकटीकरण आर.टी.आई. – स्वैच्छिक प्रकटीकरण
आर.टी.आई. – फॉर्म ए  आर.टी.आई. – फॉर्म ए 
आर.टी.आई. – फॉर्म डी आर.टी.आई. – फॉर्म डी
सूचना का अधिकार अधिनियम / नियम का एक संग्रह
आर.टी.आई. संग्रह आर.टी.आई. संग्रह
लोक सेवा गारंटी अधिनियम / नियम -2011 का एक सारांश
पी.एस.जी. संग्रह पी.एस.जी. संग्रह (भाग 1)
पी.एस.जी. संग्रह पी.एस.जी. संग्रह (भाग 2)
पी.एस.जी. संग्रह पी.एस.जी. संग्रह (भाग 3)